नई दिल्ली. गुजरात विधानसभा चुनावों में फर्स्ट फेज की वोटिंग से 2 दिन पहले गुरुवार को विवादित बयानों पर पॉलिटिक्स गरमा गई। मणिशंकर अय्यर ने नरेंद्र मोदी को "नीच किस्म' का बताया। थोड़ी ही देर बाद सूरत की रैली में मोदी ने इस बयान को चुनावी मुद्दे में तब्दील कर दिया और कहा- गुजरात की जनता कमल को वोट देकर बयान का जवाब देगी। मणिशंकर पहले कांग्रेसी नहीं हैं, जिन्होंने चुनावों में मोदी के खिलाफ 'नीच' शब्द का इस्तेमाल किया। प्रियंका ने 2014 के इलेक्शन में मोदी के खिलाफ "नीच राजनीति' का शब्द इस्तेमाल किया था। इन्हीं चुनावों में मणिशंकर ने मोदी को 'चायवाला' कहा। BJP ने इसका भरपूर फायदा उठाया। चुनावी जुमलों का 2014 के इलेक्शन में क्या असर पड़ा, Q&A में जानिए...
1) अय्यर ने 2014 में मोदी के बारे में क्या कहा था?
- 2014 के लोकसभा चुनाव के पहले दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस अधिवेशन के दौरान अय्यर ने नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान दिया था। उन्होंने पीएम कैंडिडेट को चायवाला बताकर मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा था, "21वीं सदी में नरेंद्र मोदी कभी भी देश के प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे, नहीं बनेंगे, नहीं बनेंगे। यहां आकर चाय बांटना चाहें तो हम उनके लिए जगह दे सकते हैं।''
2) अय्यर के इस बयान का असर क्या हुआ था?
- अय्यर के इस बयान के बाद बीजेपी के इलेक्शन कैंपेन की दिशा बदल गई थी। नरेंद्र मोदी ने भी अपनी रैलियों में खुद के चायवाला होने का मुद्दा खूब भुनाया था।
- अय्यर के इस बयान के बाद बीजेपी के इलेक्शन कैंपेन की दिशा बदल गई थी। नरेंद्र मोदी ने भी अपनी रैलियों में खुद के चायवाला होने का मुद्दा खूब भुनाया था।
3) प्रियंका ने कहां नीच राजनीति शब्द का इस्तेमाल किया था?
- 2014 के ही लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने एक बार अमेठी में रैली की थी। इसके बाद प्रियंका गांधी ने प्रचार के दौरान कहा था कि अमेठी में मेरे शहीद पिता का अपमान हुआ है। ऐसी नीच राजनीति करने वालों को अमेठी का हर बूथ जवाब देगा।
4) मोदी ने प्रियंका के बयान पर क्या कहा था?
- प्रियंका के इस बयान पर मोदी ने कहा था- नीच जाति में पैदा होना गुनाह है क्या?
- प्रियंका के इस बयान पर मोदी ने कहा था- नीच जाति में पैदा होना गुनाह है क्या?
5) मोदी-प्रियंका की कॉन्ट्रोवर्सी का 2014 के चुनाव पर क्या असर पड़ा था?
- मोदी-प्रियंका के बीच हुई इस कॉन्ट्रोवर्सी के बाद देश में 43 ऐसी सीटों पर वोट डाले गए थे, जिन पर जाति के बयान का असर साफ नजर आया। इनमें से 31 बीजेपी ने जीत लीं।
2014 में जुमलेबाजी के बाद कहां, कितना असर
| राज्य/कितनी सीटें | कितनी सीटों पर वोटिंग | BJP को कितनी मिलीं | 2009 में कितनी मिली थीं |
| उत्तरप्रदेश/80 | 24 | 22 | 2 |
| बिहार/40 | 8 | 6 | 0 |
| प. बंगाल/42 | 9 | 1 | 0 |
| उत्तराखंड/5 | 2 | 2 | 0 |
| टोटल | 43 | 31 | 2 |


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