
नईदुनिया मल्टीमीडिया डेस्क. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से दिए अपने भाषण में महिलाओं के खिलाफ हो रहे दुष्कर्मों का भी जिक्र किया। पीएम ने कहा, देश में आज भी महिला शक्तियों को चुनौतियां देने वाली राक्षसी प्रवृति की मानसिकता वाले लोग गलत काम कर रहे हैं, दुष्कर्म काफी पीड़ा दायक है। समाज को इससे मुक्त कराना होगा, पिछले दिनों मध्यप्रदेश में बलात्कार के आरोपी को पांच दिन में फांसी की सजा दी गई।
प्रधानमंत्री ने पीड़िता को त्वरित न्याय मिलने वाले जिस मामले का जिक्र किया, वह मध्यप्रदेश के कटनी का है। कटनी में पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में महज 5 दिन में सजा सुनाई गई। मप्र सरकार के विशेष अधिनियम 2018 के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में महज पांच दिन में सुनवाई पूरी करते हुए फांसी की सजा देने का देश में संभवत: यह पहला मामला है। बच्ची के परिजन ने 6 जुलाई को शिकायत की थी कि 4 जुलाई को स्कूल ले जाते समय ऑटो चालक राजकुमार कोल (34) ने सूने इलाके में दुष्कर्म कि
उम्मीद जागी, लेकिन तस्वीर खौफनाक
दुष्कर्म पीड़िता के छलनी मन को कोई मरहम ठीक नहीं कर सकता, लेकिन दोषी को जल्द से जल्द सजा देकर कुछ तसल्ली तो दी जा सकती है। इस मामले में मध्यप्रदेश में आए हाल के कुछ फैसले देश के सामने उदाहरण बने हैं। 27 जुलाई को भी त्वरित न्याय का यह सिलसिला जारी रहा जब दुष्कर्म और दुष्कर्म के बाद हत्या के दो मामलों में दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई।
इससे पहले 9 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोपित को 9 घंटे में गिरफ्तार कर 72 घंटे में चालान पेश किया गया और घटना के 46वें दिन रहली कोर्ट (सागर) ने फांसी की सजा सुना दी। इसी तरह, खुरई में दुष्कर्म और हत्या को विरल से विरलतम अपराध मानते हुए अदालत ने दोषी को फांसी दी सजा सुनाई। अब मंदसौर रेप कांड में भी इसी गति से न्याय की उम्मीद है, क्योंकि पुलिस ने घटना के 14 दिन के अंदर ही फास्ट ट्रेक कोर्ट में चालान पेश कर दिया है।
ये फैसले भी बने नजीर
केस-1 ग्वालियर: ग्वालियर में 6 साल की मासूम से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। मामले में 37 दिन में फैसला आया। 20 जून को आयोजित एक शादी समारोह में दोषी जितेन्द्र बिन बुलाए पहुंचा था। पानी के स्टाल के पास से चॉकलेट देने के बहाने वह 6 साल की मासूम को अपने साथ ले गया और जंगल में दुष्कर्म किया। अपराध छिपाने के लिए मासूम की भीभत्स तरीके से हत्या कर दी और शव झाड़ियों में फेंक दिया।
केस-2 सागर: 21 मई 2018 को सागर के रहली में 9 साल की बच्ची के साथ दुराचार किया गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 40 वर्षीय आरोपित भग्गी उर्फ भगीरथ पटेल को गिरफ्तार किया और पॉक्सो एक्ट सहित दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। मामले की गंभीरता के आधार पर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में रखा गया। पुलिस ने 24 मई 2018 को चालान पेश किया। कोर्ट से ट्रायल के 46वें दिन पटेल को फांसी की सजा सुना दी।
केस-3 खुरई: 13 अप्रैल 2017 को 9 साल की नाबालिग अपने खेत पर गई थी। शाम तक नहीं लौटी, तो परिजन खोजने निकले। शक होने पर खेत के पास बने सुनील आदिवासी (21 वर्ष) के टपरे पर देखा, तो नाबालिग की लाश प्लास्टिक की बोरी में बंद मिली। आरोपित ने दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने घटना के चंद घंटे बाद सुनील को गिरफ्तार कर लिया था। जांच शुरू हुई और कोर्ट में चालान प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान जज ने सुनील को फांसी की सजा सुनाई।
प्रदेश में दुष्कर्म के हालिया मामले
पिछले कुछ दिनों में मध्यप्रदेश में दुष्कर्म के कई खबरें www.naidunia.com ने प्रकाशित की हैं जिन्होंने राज्य ही नहीं, बल्कि देश को हिलाकर रख दिया। इनमें मंदसौर और सतना के दुष्कर्म कांड शामिल हैं।



No comments:
Post a Comment