यमुना का जल स्तर निरंतर बढ़ रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा- सब लोग मदद के लिए आगे आएं, बाढ़ संबंधी जानकारी 1077 नंबर पर दें
- 48 किमी की दूरी दिल्ली में तय करती है यमुना, 202 मीटर है सामान्य जलस्तर
- 204 मीटर चेतावनी का स्तर, 204.85 मीटर खतरनाक
- अब तक सामान्य से 18% ज्यादा बारिश हो चुकी है दिल्ली में
नई दिल्ली. पिछले चार दिनों से हो रही बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से यमुना का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। शनिवार सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक हथिनीकुंड बैराज से 6 लाख 25 हजार 12 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस वजह से राजधानी के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रविवार सुबह यमुना का जलस्तर 205.65 मीटर दर्ज किया गया। एक अधिकारी ने बताया कि रविवार शाम तक यमुना का जल स्तर 207 मीटर पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ तो खादर समेत राजधानी के 7 इलाके पानी में डूब सकते हैं।
दिल्ली ईस्ट डीएम ने बताया- निचले क्षेत्रों से लगभग 1500 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया गया है। 10 जगहों पर लोगों के रुकने के लिए 550 टेंट लगाए गए हैं। प्रशासन ने यमुना से लगे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी के पास न जाने की सलाह दी है।
दिल्ली से 200 किलोमीटर दूर है बैराज:हथिनी कुंड बैराज दिल्ली से 200 किलोमीटर दूर हरियाणा के यमुना नगर में है। बैराज से छोड़े जाने वाला पानी यमुनानगर, करनाल और पानीपत होते हुए दिल्ली पहुंचता है। हथनीकुंड से शनिवार को निकला पानी 48 से 72 घंटे में दिल्ली पहुंचेगा। इस वजह से रविवार शाम तक हालात बिगड़ सकते हैं।
7 इलाके पानी में डूब सकते हैं: खादर, बढी मांडू, उस्मानपुर, मीठापुर, जामिया नगर, कुदेशिया घाट और तिब्बती मार्केट में जलस्तर बढ़ने पर पानी घुस सकता है। हालांकि, अभी यमुना के बाढ़ क्षेत्र में ही पानी का स्तर बढ़ने की बात कहीं जा रही है। वहीं, खादर क्षेत्र पूरी तरह डूब सकता है। यमुना के आसपास के क्षेत्रों में नाव और गोताखोर तैनात कर दिए गए हैं। किसी भी स्थिति से निपटने को बाढ़ और नियंत्रण सहित सभी विभाग हाई अलर्ट पर हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार देर शाम आपात बैठक बुलाई। इसमें उन्होंने किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए सेना की मदद लेने पर जोर दिया।


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