नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान तितली की वजह से ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मची है। तितली के बाद भारी बारिश से तीन जिलों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। 60 लाख से ज्यादा लोग भारी बारिश व बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
इस बीच ओडिशा में भूस्खलन की सूचना है जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई है वहीं कई अन्य के मलबे में दबे होने की सूचना है। इसके साथ ही तितली की वजह से अब तक मरने वालों की संख्या 20 से ज्यादा हो गई है। मामला राज्य के गजपति जिले का है। विशेष राहत आयुक्त बीपी सेठी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि राहत और बचाव कार्य जारी है।
जानकारी के अनुसार घटना तब हुई जब शुक्रवार को भारी बारिश के बाद गांव वालों ने गुफा की तरह बनी एक जगह पर शरण ली। सेठी के अनुसार गजपति जिले के रायगढ़ ब्लॉक के बरघरा गांव में भूस्खलन से 12 लोगों के मारे जाने की सूचना है। 4 लोग अब भी लापता है और उनके मलबे में दबे होने की आशंका है।
हादसे के बाद जिला अधिकारी मौके का दौरा करने के लिए गए हैं।
चंद्रबाबू ने लिखी चिट्ठी
दूसरी तरफ तितली से हुई तबाही से आंध्र भी कराह रहा है। राहत और बचाव कार्य के लिए टीमें लगी हुई हैं। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर 1200 करोड़ की मदद देने की अपील की है।
राहत व बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ की टीमें तैनात की गई हैं। राज्य के गंजाम, गजपति व रायगढ़ जिलों में हालत ज्यादा खराब हैं क्योंकि प्रमुख नदियों रषिषकुल्या और बनासधारा ने खतरे का निशान पार कर लिया है।
बंगाल में भी तितली ने ली जान, पूजा पंडाल व घर ढहे
चक्रवाती तूफान तितली की उड़ान पश्चिम बंगाल पहुंचने से पहले धीमी जरूर हुई, लेकिन राज्य में एक जान ले ली। साथ ही इस तूफान की वजह से बने निम्न दबाव के कारण राज्य में भारी बारिश व तेज हवाएं चल रही हैं। इस तेज हवा व बारिश की वजह से पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर क्षेत्र के चार गांव में कई कच्चे मकान व दुर्गापूजा के लिए बनाए गए पंडाल धराशायी हो गए। इस दौरान दीवार में दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई।
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