लोन दिलाने के नाम पर 1 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाली गैंग के तीन बदमाशों को पुलिस ने उन्नााव से पकड़ लिया है।
ग्वालियर। शहर की 600 जरूरतमंद महिलाओं से लोन दिलाने के नाम पर 1 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाली गैंग के तीन बदमाशों को पुलिस ने उन्नााव से पकड़ लिया है। एक अन्य आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है। इस गैंग ने यहां ठगी करने के बाद उन्नाव में भी लोगों को ठगने के लिए हरी बिज सर्विसेज के नाम से दुकान खोल ली थी। बदमाशों ने ठगी के रुपयों से 2 कार खरीदी थीं, इनमें से एक कार पुलिस ने बरामद कर ली है। पुलिस ने ठगे गए रुपयों को बरामद करने के लिए आरोपियों को रिमांड पर ले लिया है और पूछताछ शुरू कर दी है।
एसपी डॉ.आशीष ने बताया कि 13 अक्टूबर को महिलाओं के एक समूह ने लिखित शिकायत कर बताया था कि सिटी सेंटर में हरी बिज सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों ने ग्रुप लोन, प्रॉपर्टी लोन, बिजनेस लोन, पर्सनल लोन, मार्कशीट लोन व एजुकेशन लोन दिलाने का वादा कर हजारों रुपए प्रोसेसिंग फीस ले ली।
लोन दिलाने की बजाए ये लोग अपने ऑफिस पर ताला लगाकर गायब हो गए। महिलाओं की शिकायत के बाद पुलिस ने अनुमान लगाया कि ये गैंग 1 करोड़ से अधिक रुपए ठगकर फरार हो गई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी पड़ताल यूनिवर्सिटी थाना पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच को सौंपी गई।
फर्जी नाम के पहचान पत्र से खोलते थे दुकान
एएसपी (पूर्व) अभिषेक तिवारी ने बताया कि इस गैंग से जुड़े लोग फर्जी नाम के साथ शहर में आते थे और पहचान पत्र भी फर्जी बनाकर लाते थे, जिससे पुलिस उन तक पहुंचने की बजाए दूसरी दिशा में भटकती रहे। जांच में पुलिस को ज्ञात हुआ कि ब्रांच मैनेजर अमित कुमार निवासी मुजफ्फरनगर का असली नाम नफीस पुत्र सलीम जाहिद है। इसी तरह आकाश का असली नाम शहजाद अली उर्फ अमन पुत्र इलयास मलिक है।
इसके अलावा कंपनी एडवाइजर समीर मलिक ने अपना नाम छोटा पुत्र जाहिद रख लिया था। ये तीनों आरोपी हरिद्वार उत्तराखंड के निवासी हैं। इस गैंग का चौथा सदस्य दानिश अंसारी है जो कि बहराम नगर जिला बिजनौर यूपी का रहने वाला है। इस पर कंपनी का जनरल मैनेजर का दायित्व है।
ऐसे करती थी ठगी
सीएसपी (झांसी रोड) धर्मराज मीणा ने बताया कि सिटी सेंटर में किराए का ऑफिस लेकर ठगी शुरू की। इस गैंग ने सबसे पहले मोटा कमीशन देने के लालच देकर 40 एजेंट बनाए। इसके माध्यम से 10-10 महिलाओं के 80 समूह बनाकर ठगी की रूपरेखा तैयार की।
इन एजेंटों को 50 हजार से 25 लाख तक लोन दिलाने के नाम पर इनसे प्रोसेसिंग फीस व फाइल चार्ज के नाम पर हजारों रुपए जमा करा लिए। इनका विश्वास जीतने के लिए इनको जमा कराई गई राशि की रसीद भी दी। इनके मोबाइल नंबरों की डिटेल निकालने पर पता चला कि सारे सिमकार्ड फर्जी आईडी से लिए गए, जो कि ऑफिस में ताला डालने के बाद ही बंद कर दिए गए।
हरिद्वार की है गैंग
पड़ताल करने पर पुलिस को पता चला कि ठगी करने वाली गैंग उत्तराखंड हरिद्वार की है। पुलिस ने इनकी तलाश ऋषिकेश, हरिद्वार रूढ़की में की। यहां से पता चला कि ये गैंग इन दिनों उन्नाव में है। इस सूचना पर पुलिस ने उन्नााव से शहजाद अली, समीर मलिक व अमित उर्फ नफीस को पकड़ लिया।
उन्नाव में भी शुरू कर दी थी ठगी
इस गैंग ने हरी बिज सर्विसेज के नाम से उन्नाव में भी ठगी की अपनी नई दुकान जमा ली थी। इन लोगों का कहना है कि अभी उन्होंने ऑफिस शुरू ही किया था,लेकिन पकड़ में आ गए। ये गैंग चड़ीगढ़,मेरठ, हरियाणा में भी ठगी कर चुकी है।
पहले खुद ठगी का शिकार हुए, उसके बाद गैंग बना ली
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि हरिद्वार में इसी तरकीब से वे लोग भी ठगे जा चुके हैं। उसके बाद उन्होंने भी इसी आइडिया से ठगी के ऑफिस खोलना शुरू कर दिए।
50 से 60 लाख ठगना कबूल किया
यूनिवर्सिटी थाना टीआई राजकुमार शर्मा ने बताया कि शुरूआती पूछताछ में आरोपियों ने शहर से 50 से 60 लाख रुपए ठगना कबूल किया है। ठगी के रुपयों से 2 कार खरीदीं। एक कार पुलिस ने उन्नाव से बरामद कर ली है। दूसरी हरिद्वार में है। इनका कहना है कि ठगी के रुपए लोगों के वेतन व अपने एशोआराम पर खर्च कर दिए।
लोन दिलाने के नाम पर 1 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाली गैंग के तीन बदमाशों को पुलिस ने उन्नााव से पकड़ लिया है।


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