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Tuesday, 5 December 2017

नियम देखे बिना करा दी पीएचडी प्रवेश परीक्षा, छात्रों को रिजल्ट का इंतजार

जीवाजी यूनिवर्सिटी ने पीएचडी की प्रवेश परीक्षा तो करा दी, लेकिन ढाई माह बाद भी रिजल्ट जारी नहीं किया जा सका।
ग्वालियर। नियमों का अध्ययन किए बिना जीवाजी यूनिवर्सिटी ने पीएचडी की प्रवेश परीक्षा तो करा दी, लेकिन ढाई माह बाद भी रिजल्ट जारी नहीं किया जा सका। रिजल्ट के इंतजार में 22 सौ छात्र टकटकी लगाए बैठे हैं। उनकी पीड़ा बढ़ती जा रही है क्योंकि वे अन्य विश्वविद्यालयों में पीएचडी की प्रवेश परीक्षा नहीं दे पा रहे हैं।

कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला ने इस मामले में रिजल्ट रिवाइज करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। कुलपति का कहना है कि अब जल्द ही रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा।
प्रवेश परीक्षा में अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देना था। जेयू ने अजा,जजा के लिए तो सीटें आरक्षित कर दीं, लेकिन ओबीसी के लिए नहीं की। परीक्षा के बाद जब विवाद हुआ और नियमों का अध्ययन किया तब इसकी जानकारी लगी। इसलिए कुलपति ने अब रिजल्ट रिवाइज करने के लिए डीसीडीसी प्रो. डीडी अग्रवाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
शुरुआत से ही विवादों में परीक्षा
जेयू ने 17 सितंबर को 39 विषयों में पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया। इसमें 3538 अभ्यर्थियों को शामिल होना था जिसमें से 2184 यानी 61.73 फीसदी ही उपस्थित हो सके। परीक्षा नियंत्रक प्रो.राकेश कुशवाह के हस्ताक्षर से प्रवेश-पत्र डाउनलोड हुए, जबकि विवाद तब खड़ा हो गया जब श्री कुशवाह ने हस्ताक्षर होने से इनकार कर दिया था। मामला चूंकि गंभीर था इसलिए शिक्षकों ने कुलपति से कहा कि प्रवेश पत्र पर चूंकि परीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर हैं इसलिए रिजल्ट पर भी उनके हस्ताक्षर होना जरूरी है।
परीक्षा नियंत्रक से कराए हस्ताक्षर
शुरूआत में तो परीक्षा नियंत्रक ने रिजल्ट पर हस्ताक्षर से इनकार कर दिया था, लेकिन कुछ शिक्षकों के हस्तक्षेप से बीच का रास्ता निकाला और कुलपति ने सात सदस्यीय उप समिति गठित की। इसमें प्रो. कुशवाह के अलावा प्रो.डीडी अग्रवाल, प्रो.नलिनी श्रीवास्तव, प्रो. वाईके जायसवाल, प्रो. राजेन्द्र खटीक, प्रो. जेएन गौतम व प्रो. एके सिंह को शामिल किया। समिति सदस्यों ने हस्ताक्षर कर दिए। उसके बाद फिर ओबीसी के लिए आरक्षण न करने पर आपत्ति उठ गई थी।
इनका कहना है
पीएचडी के रिजल्ट में कोई गड़बड़ नहीं है। जो रिजल्ट तैयार किया गया उसमें ओबीसी का कोटा नहीं था। इसलिए रिजल्ट रिवाइज करने तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। रिपोर्ट मिलते ही जल्द ही रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा।

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