ग्वालियर. शहर व ट्रांसपोर्ट नगर में भारी वाहनों की एंट्री बैन किए जाने खिलाफ स्थानीय ट्रांसपोर्टस ने सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी । इस हड़ताल के समर्थन में ट्रक मैकेनिक यूनियन और मजदूर यूनियन भी शामिल हो गई हैं। सोमवार सुबह कुछ ट्रकों को भी ट्रांसपोर्ट नगर में रोका गया और दुकानें बंद रखी गईं। इस हड़ताल से शहर में जरूरी सामान की कमी हो सकती है। यह है मामला.....
-प्रशासन द्वारा शहर में भारी वाहनों की एंट्री बैन किए जाने का विरोध व्यापारियों से लेकर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से लोगों ने किया था। प्रशासन ने यह एंट्री इसलिए बैन की थी, क्योंकि ट्रकों के आने से कई एक्सीडेंट हो रहे थे।
-इसके बाद पुलिस और प्रशासन से व्यापारिक संगठनों और ट्रांसपोर्ट्स ने बात की। इसमें राहत यही मिली कि जिन ट्रकों को ग्वालियर में सामान उतारना है, उन्हें बिल्टी दिखाने पर एंट्री दी जाएगी। बाकी ट्रकों को बाईपास के जरिए हाईवे पर जाना होगा।
एंट्री बैन होने पर शुरू की हड़ताल
-इसका सभी संगठन मिलकर विरोध करने लगे। इन लोगों की मांग है कि रात में सभी ट्रकों को शहर में आने की अनुमति दी जाए और ट्रांसपोर्ट नगर में 24 घंटे ट्रकों को आने की अनुमति हो।
-प्रशासन ने इस मांग को नहीं माना। अब सोमवार से स्थानीय ट्रांसपोर्ट्स ने हड़ताल शुरू कर दी। इस हड़ताल में मैकेनिक यूनियन के साथ मजदूर यूनियन भी शामिल हो गए।
-सोमवार को ट्रांसपोर्ट नगर में दुकानें बंद थी। कुछ ट्रक आए तो उन्हें हड़ताल कर रहे लोगों ने रोक दिया और माल उतारने से मना कर दिया।
-इसका सभी संगठन मिलकर विरोध करने लगे। इन लोगों की मांग है कि रात में सभी ट्रकों को शहर में आने की अनुमति दी जाए और ट्रांसपोर्ट नगर में 24 घंटे ट्रकों को आने की अनुमति हो।
-प्रशासन ने इस मांग को नहीं माना। अब सोमवार से स्थानीय ट्रांसपोर्ट्स ने हड़ताल शुरू कर दी। इस हड़ताल में मैकेनिक यूनियन के साथ मजदूर यूनियन भी शामिल हो गए।
-सोमवार को ट्रांसपोर्ट नगर में दुकानें बंद थी। कुछ ट्रक आए तो उन्हें हड़ताल कर रहे लोगों ने रोक दिया और माल उतारने से मना कर दिया।
संगठन बोले हड़ताल जारी रहेगी
-ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष राजीव मोदी ने बताया, पुलिस अफसरों ने व्यापारियों से चर्चा किए बिना मर्जी से रूट डायवर्ट कर दिया। जिससे हर भारी वाहन के संचालन पर 1500 रु. का एक्स्ट्रा खर्च बढ़ गया है।
-ट्रांसपोर्ट वर्क्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्की यादव ने बताया, भारी वाहन सर्विस और ठीक होने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर आते थे। एंट्री बैन होने के कारण अब ट्रांसपोर्ट नगर में भारी वाहन रिपेयरिंग के लिए नहीं रहे। इससे 2500 लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
-ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष राजीव मोदी ने बताया, पुलिस अफसरों ने व्यापारियों से चर्चा किए बिना मर्जी से रूट डायवर्ट कर दिया। जिससे हर भारी वाहन के संचालन पर 1500 रु. का एक्स्ट्रा खर्च बढ़ गया है।
-ट्रांसपोर्ट वर्क्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्की यादव ने बताया, भारी वाहन सर्विस और ठीक होने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर आते थे। एंट्री बैन होने के कारण अब ट्रांसपोर्ट नगर में भारी वाहन रिपेयरिंग के लिए नहीं रहे। इससे 2500 लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
व्यापारी भी शामिल हो सकते हैं हड़ताल में
-दाल बाजार व्यापार समिति के अध्यक्ष गोकुल बंसल का कहना है, यदि लोकल ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर गए तो भविष्य में हम व्यापारियों को भी अपना कारोबार बंद कर हड़ताल में शामिल होना पड़ेगा।
-वहीं ग्वालियर के एसपी डॉ. आशीष कुमार का कहना है कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
-दाल बाजार व्यापार समिति के अध्यक्ष गोकुल बंसल का कहना है, यदि लोकल ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर गए तो भविष्य में हम व्यापारियों को भी अपना कारोबार बंद कर हड़ताल में शामिल होना पड़ेगा।
-वहीं ग्वालियर के एसपी डॉ. आशीष कुमार का कहना है कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है।



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