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Wednesday, 21 March 2018

कांग्रेस का आरोप, एससी/एसटी कानून खत्म करना चाहती है मोदी सरकार

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि एससी-एसटी कानून के तहत आरोपी की गिरफ्तारी से पहले उच्च अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।
नई दिल्ली। अनुसूचित जाति तथा जनजाति अत्याचार निवारण कानून (SC-ST एक्ट) में बदलाव को लेकर आज कांग्रेस ने बीजेपी और आरएसएस पर पर करारा हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी और संघ की मानसिकता अनुसूचित जाति तथा जनजाति को हमेशा आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर करने की रही है इसलिए वह इस वर्ग के हितों को संरक्षण देने वाले कानून को खत्म करने का षड्यंत्र कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को व्यवस्था दी है कि अनुसूचित जाति तथा जनजाति अत्याचार निवारण कानून के तहत आरोपी की गिरफ्तारी से पहले उच्च अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।
सरकार को दायर करनी चाहिए याचिका
संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा कल दी गयी व्यवस्था से एससी और एसटी वर्ग के लोगों के अधिकारों पर कुठाराघात हुआ है। सरकार को इस संबंध में कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर करनी चाहिए या कानून में संशोधन करना चाहिए।
ST-SC एक्ट के तहत नहीं होगी तुरंत गिरफ्तारी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को व्यवस्था दी है कि अनुसूचित जाति तथा जनजाति अत्याचार निवारण कानून के तहत आरोपी की गिरफ्तारी से पहले उच्च अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इन वर्गों के अधिकारों के संरक्षण के लिए कांग्रेस सरकार 1989 में कानून लाई थी लेकिन मोदी सरकार ने एक षड्यंत्र के तहत खत्म करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गरीबों को भयभीत कर रही सरकार: कांग्रेस
कोर्ट के इस फैसले पर अफसोस व्यक्त करते हुए शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने दलित तथा आदिवासियों की सुरक्षा के लिए जो कानूनी घेरा बनाया था उसे चोट पहुंचायी जा रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे समाज के इस निचले वर्ग में भय और आशंका का माहौल बन रहा है। सरकार को राष्ट्रहित और समाजहित में इस संबंध में पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने इस मामले पर सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले पर सरकार ने न्यायालय में दलितों का पक्ष सही ढंग से नहीं रखा।

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